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अहंकार

✔ ईगो और अहंकार ये दोनो शब्द एक ही है लेकिन जब हम इन शब्दो का अर्थ पहचाने तो इन दोनो शब्दो के बीच में बस थोड़ा ही फर्क होता है। ईगो की वजह से इंसान स्वाभिमानी हो जाता है और अंहकार इंसान को अभिमानी बना देता है।

✔ यदि किसी व्यक्ति के पास अच्छे गुण है तो उसे कभी अहंकार दिखाने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। अच्छे गुणो वाले व्यक्ति कभी किसी बात का दिखावा नहीं करते क्योकी उन्हें पता होता है की आज जो हमारे पास है वो कल किसी और के पास भी हो सकता है।

✔ अहंकार में इंसान अपनो को व अपने आप को भी भुला देता है असा अहंकार किस काम का जो अपन आप को अपनो से दुर ले जाये। मानव जीव एक ही बार मिला है अगर आप अंहकार में ही जीना चाहते हो आपनो का याद करने वाला नहीं होगा।

✔ जब इस अहंकार ने रावण जैसे महाज्ञानी को नहीं छोड़ा तो हम और आप तो सामान्य इंसान है। उपलब्धि पाकर इंसान दिखावा करता है इस दिखावे से कोई भी इंसान बड़ा बन सकता है लेकिन इंसानियत तो वो होती है जब इंसान के पास सब कुछ होते हुए भी वो दिखाना नहीं करता और छोटा बना रहता है।

✔ सब कुछ होने पर दिखावा करके बड़ा बनना आसान होता है। लेकिन सब कुछ होने के बाद भी छोटे बने रहना बहुत कठिन है। यदि अच्छे गुण आपके अंदर हो तो हर कोई इंसान अापके साथ रहना पसन्द करेगा और आपका साथ चाहेगे लेकिन जब आपके पास अच्छे गुण ही नही होगे तो आपके साथ रहना कोई पसन्द नहीं करगा बल्कि आपसे दुर जाना पसन्द करेगे।

✔ कोई भी व्यक्ति ये कभी नहीं चाहेगा की लोग उस से दुर जाते रहे हर इंसान यही चाहेगा की हर कोई उसके साथ हो और ऐसा करने के लिए इस अहंकार को त्यागना होगा अच्छि-अच्छि बाते अपनानी होगी। कभी भी पैसो का या किसी भी बात का अंहकार नहीं होना चाहिए अहंकार हमेशा इंसान को अंधकार की और ले जाता है।


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